अगर आप हुए हैं ठगी के शिकार, तो इस महिला शिक्षक से सीखिए ठग को पकड़ने का तरीका

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Yuva Hayana

11 Nov, 2019

मेरठ बिजनौर के बकली गांव की रहने वाली सुषमा पत्नी नरेश कुमार निजी स्कूल में शिक्षिका है। सुषमा ने घर बनाने के लिए लोन लेने का विज्ञापन अखबार में पढ़ा। विज्ञापन में दिए नंबर पर कॉल की। फोन उठाने वाले ने अपना नाम तन्मय शर्मा बताया, जो गाजियाबाद स्थित ऑफिस में बैठता है।

सुषमा ने तन्मय की बताई मेल आइडी पर अपने सभी कागजात भेज दिए। आरोपित ने 20 अक्टूबर को सुषमा को बताया कि पांच दिन बाद उसके खाते में रकम आ जाएगी। उससे 41 हजार की रकम कंपनी के खाते में डलवा ली। इसके बाद आरोपित ने अपना नंबर बंद कर लिया।

सुषमा को ठगी का एहसास हुआ तो उसने आरोपित को सबक सिखाने की ठानी। तन्मय ने एक बार एक अन्य नंबर से भी सुषमा को कॉल की थी। सुषमा ने सहेली तरुणा से उस नंबर पर कॉल कराई। फोन तन्मय ने ही उठाया। उसने तन्मय को बताया कि उसे पढ़ाई के लिए लोन चाहिए। आरोपित ने तरुणा को भी वही मेल आइडी बताई।

उसने सभी कागजात मेल कर दिए। इसके बाद तरुणा को रकम डालने के लिए दूसरी खाता संख्या बताई। तरुणा ने प्लान के मुताबिक कहा कि वह नकद भुगतान करेंगी। इस पर उसे गाजियाबाद ऑफिस में बुलाया। लेकिन उन्होंने तन्मय को ही बिजनौर आने को कहा। वह बिजनौर के बजाय मेरठ तक आने को तैयार हो गया। परिवार को बिना बताए सुषमा और तरुणा अपने साथ एक अन्य युवती को लेकर मेरठ आ गईं। उन्होंने आरोपित को भैंसाली बस स्टैंड बुला लिया। उसे देखते ही तीनों युवतियों ने शोर मचा दिया। भीड़ ने तन्मय को पकड़ लिया।

आरोपित गाजियाबाद में बैठकर लोन देने के नाम पर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहा था। बिजनौर की शिक्षिका के अलावा ठगी के अन्य शिकार भी सदर बाजार थाने पहुंच गए हैं। उसके साथियों की धरपकड़ की जा रही है।

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