Home Breaking हरियाणा पुलिस का ASI गिरफ्तार, शराब घोटाले में चल रहा था फरार

हरियाणा पुलिस का ASI गिरफ्तार, शराब घोटाले में चल रहा था फरार

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Yuva Haryana, Rohtak

शराब तस्करी की जांच कर रही एसआईटी ने शुक्रवार को आरोपी एएसआई जयपाल को रोहतक से गिरफ्तार कर लिया है। यह जानकारी एसआईटी से डीएसपी जितेंद्र ने दी। डीएसपी जितेंद्र ने बताया आरोपी एएसआई जयपाल को शनिवार कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट से आरोपी का रिमांड मांगा जाएगा, इसके बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा। एएसआई जयपाल केस दर्ज होने के बाद से फरार चल रहा था। आरोप है आरोपी एएसआई जयपाल बर्खास्त एसएचओ जसबीर व ठेकेदार भूपेंद्र से मिलीभगत किए हुआ था।

गौरतलब है कि खरखौदा में शराब तस्कर भूपेंद्र ने मां के नाम पर लीज पर लिए गए गोदाम में पुलिस की कई मामलों में जब्त की हुई शराब को लॉक डाउन के दौरान ठिकाने लगा दिया गया था।

शराब घोटाला उजागर होने के बाद एसईटी द्वारा नए सिरे से जांच शुरू की गई है। एसईटी अधिकारियों ने दौरा करके गोदाम में रखी हुई सारी शराब की नए सिरे से काउंटिंग कराने के आदेश दिए थे । जिसके तहत एक एक पेटी खोल कर उसके अंदर रखी हुई शराब की बोतलों की अलग-अलग काउंटिंग की जा रही है ।

इस मामले में पुलिस ने दो तत्कालीन एसएचओ समेत सात पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज किया था। इसमें मुख्य आरोपित बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर के साथ एएसआई जयपाल भी शामिल था। पुलिस के बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर सिंह की गिरफ्तारी पुलिस के लिए अहम थी। उसने कई पुलिस बड़े अधिकारियों व आबकारी विभाग के अधिकारियों की डील कराई थी। वहीं पंजाब के एक विधायक से भूपेंद्र की मुलाकात भी करवाई थी।

भूपेंद्र ने अधिकारियों व राजनीतिज्ञों से अच्छी मिलीभगत कर रखी थी। जिसके चलते जीटी रोड पर भूपेंद्र की शराब तस्करी की गाड़ियों को कोई नहीं रोकता था। इसका मुख्य कारण भूपेंद्र का लाखों रुपए खर्च कर पुलिस को अपने साथ मिला लेना था।

उसने रिमांड के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी दी थी। अधिकारियों की मानें तो जब पुलिस ने उसकी मां को हिरासत में लिया तो वह टूट गया। भूपेंद्र कहा कि ‘मैं आपका सहयोग करने को तैयार हूं, लेकिन मेरे परिवार को परेशान मत करो, मेरी मां को छोड़ दो।’

शराब तस्कर भूपेंद्र की तस्करी के शराब के भरे ट्रक नए केवल पंजाब से सोनीपत तक बेरोक टोक आवागमन करते थे, बल्कि वह दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों तक चलते थे। सभी चेकपोस्ट और नाको पर उसका महीना तय होता था। वहीं दूसरी तरफ शराब को प्याज व लहसुन के अंदर छिपाकर वह तस्करी करता था। भूपेंद्र ने सब्जी की आढ़त का लाइसेंस भी ले रखा था। उसने शराब की तस्करी के लिए ही यह लाइसेंस लिया था। आढत का लाइसेंस उसकी तस्करी के कारोबार के लिए ढाल का काम करता था। भूपेंद्र सब्जी लाने के नाम पर ट्रकों में शराब भरकर लाता था।

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