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हरियाणा में डबवाली से पानीपत का सीधा बनेगा फोरलेन हाइवे, जानिये कहां से गुजरेगा ?

Yuva Haryana, Chandigarh

हरियाणा में सड़कों की व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार ने प्रयास तेज कर दिये हैं। अब सिरसा जिले के आखिरी छोर डबवाली से लेकर पानीपत तक करीब 300 किलोमीटर दूरी का फोरलेन सड़क बनाने की तैयारी है।

इसकी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा में आमतौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग हमेशा उत्तर से दक्षिण की ओर बनते रहे हैं। हरियाणा सरकार पूर्व से पश्चिम की ओर अर्थात पानीपत से डबवाली तक एक नया राजमार्ग बनाएगी।

डबवाली से पानीपत तक बनने वाले इस फोरलेन सड़क को लेकर लोकनिर्माण विभाग ने कमर कस ली है। इसको लेकर अधिकारियों ने अब रोडमैप तैयार करना शुरु कर दिया है।

ग्रामीण इलाकों और कस्बों से होकर गुजरने वाले इस हाइवे के लिए जमीन और सर्वे को लेकर आवश्यक औपचारिकताओं में विभाग जुटा हुआ है। इसी हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है।

 

उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के इस ड्रीम प्रोजेक्ट में करीब 14 कस्बों को फायदा होगा। इससे कस्बों को आपस में जोड़ा जाएगा, जिससे प्रदेश के पानीपत तक यह फोर लेन हाइवे पहुंचेगा।

इन क्षेत्रों से होकर प्रस्तावित है फोरलेन-
लोक निर्माण विभाग के अनुसार डबवाली से शुरू होकर पानीपत तक बनने वाला फोरलेन उचाना होकर गुजरेगा। जो डबवाली, कालावाली, रोडी, सरदुलगढ़, हांसपुर, रतिया, भूना, सनियाणा, उकलाना, लीतानी, उचाना, नगुरां, असंध, सफीदो से पानीपत तक बनाई जाना प्रस्तावित है। फतेहाबाद में प्रस्तावित फोरलेन हांसपुर पंजाब बार्डर से शुरू होकर रतिया उसके बाद भूना व सनियाणा तक बनेगी। जो करीब 70 बनेगी।

जिन शहरों से होकर फोरलेन का प्रस्ताव बनाया गया है। उनमें अधिकांश में अब अधिकांश जगह पर स्टेट हाईवे है। कई जगह तो जिला सड़क है जो महज 18 फीट ही चौड़ी है। वहीं स्टेट हाईवे भी 24 फीट चौड़ा है। ऐसे में फोरलेन बनता है तो परिवहन के लिए बेहतरीन सुविधा मिलेगी।

लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता केके गोयत ने बताया कि डबवाली से लेकर पानीपत तक का फोरलेन बनाने का प्रस्ताव है। इसको लेकर गत दिनों बैठक में चर्चा हुई थी। यह फोरलेन फतेहाबाद से हांसपुर के पास से शुरू होकर रतिया, भूना व सनियाणा तक बनना प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि परिवार पहचान पत्र योजना का लक्ष्य स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार सुनिश्चित कर हर व्यक्ति को स्वावलंबी बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 100 बेड वाले जिला नागरिक अस्पतालों को अपग्रेड कर 200 का करने का निर्णय लिया है।

इसी तरह द्विवार्षिक जल प्रबंधन योजना बनाई है। आवंटित बजट में जो हिस्सा खर्च नहीं हो पाता था, वह राशि निरस्त हो जाती थी। उस राशि का इस्तेमाल करने के लिए हमने एक नया रिवाल्विंग फंड बनाया है।

सीएम ने कहा कि कोरोना काल में हम अपनी उधार लेने की सीमा को नियंत्रित करने में कामयाब रहे। राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार राज्यों को अपनी जीडीपी का पांच प्रतिशत तक का उधार लेने का नियम है और हम इस वर्ष भी चार प्रतिशत से ऊपर नहीं जाएंगे। इस साल स्वास्थ्य, कृषि तथा अवसंरचना पर फोकस रहेगा।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने मार्च 2019 में लगभग चार हजार करोड़ रुपये तथा अक्टूबर 2020 में 1850 करोड़ रुपये की 306 परियोजनाओं का इसी तरह एक साथ उद्घाटन व शिलान्यास किया था। विपक्ष द्वारा प्रदेश पर बढ़ते ऋणभार के आरोप पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्धारित सीमा व नियमों के अनुरूप है।

आमतौर पर ऋणभार पांच साल में दोगुना हो जाता है। जब 2014 में हमने सत्ता संभाली थी, उस समय कुल ऋणभार लगभग 98 हजार करोड़ रुपये का था। यह अब बढ़कर करीब दो लाख करोड़ रुपये तक हो गया है, जो सामान्य बात है।

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