किसान नेताओं ने पुलिस को सौंपा ट्रैक्टर परेड का रूट प्लान, देखिए कहां कहां से निकलेगी परेड ?

Yuva Haryana, 24 January, 2021

गणतंत्र दिवस पर किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालने का ऐलान किया है। इसको लेकर सिंघु बॉर्डर पर पुलिस और किसान संगठनों के बीच मीटिंग हुई। इस बीच किसान नेता बलबीर सिंह ने ट्रैक्टर रैली के रूट प्लान को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस के मुताबिक, ये रैली पूरी होने में 48 घंटे का समय लगेगा।

वहीं किसान नेता ने कहा कि हम इस रैली में सिर्फ ट्रैक्टर लेकर जाएंगे। किसान ट्रॉलियों को आंदोलन स्थल पर ही छोड़कर आएंगे। उधर, योगेंद्र यादव ने दावा कि ट्रैक्टर रैली के लिए पुलिस से औपचारिक अनुमति मिल गई है।

किसान नेता बलबीर सिंह ने कहा कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के बाद भी हमारा आंदोलन खत्म नहीं होगा। कोई भी अपने घर नहीं जाएगा। किसान नेता के मुताबिक, एक ट्रैक्टर पर चार या पांच लोग ही होंगे। कुछ लोगों को आंदोलन स्थल पर भी रहने के लिए कहा गया है कि ताकि वहां सामान और लंगर की व्यवस्था को देखा जा सके। बलबीर सिंह ने यह भी कहा कि जब तक हम मंच से घोषणा नहीं करें तब तक किसी पर भी भरोसा न करें।

वहीं, योगेंद्र यादव ने कहा कि आज दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ एक छोटी बैठक हुई। जिसमें हमें ट्रैक्टर रैली के लिए पुलिस से औपचारिक अनुमति मिल गई है। हमारी रैली शांतिपूर्ण होगी।

इससे पहले किसान नेताओं ने ट्रैक्टर रैली के लिए दिल्ली पुलिस को अपना रूट प्लान सौंप दिया है। सूत्रों के मुताबिक, आपसी सहमति से तीन रूट तय हो गए हैं। जिसके मुताबिक, सिंघु बार्डर से ट्रैक्टर परेड संजय गांधी ट्रांसपोर्ट, कंझावला, बवाना, औचन्दी बार्डर होते हुए हरियाणा जाएगी। वहीं, टिकरी बार्डर से ट्रैक्टर परेड नांगलोई, नजफगढ, झड़ौदा, बादली होते हुए केएमपी एक्सप्रेस जाएगी. जबकि, गाजीपुर यूपी गेट से ट्रैक्टर परेड अप्सरा बार्डर गाजियाबाद होते हुए डासना यूपी जाएगी। हालांकि, अभी फाइनल रूट प्लान का ऐलान होना बाकी है।

सूत्रों की मानें तो रैली के लिए ट्रैक्टर 5 स्थानों से निकलेंगे और उसी दिन वापस अपने मूल स्थान पर आ जाएंगे। कुल मिलाकर ट्रैक्टर 120 से 140 किमी की दूरी तय करेंगे। उधर, किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि 26 जनवरी को किसान परेड के दिन यूपी और उत्तराखंड के किसान 25 हजार ट्रैक्टर के साथ दिल्ली की सड़कों पर उतरेंगे। इस ट्रैक्टर रैली में राजनीतिक दलों को आने की इजाजत नहीं होगी।

गौरतलब है कि किसान आंदोलन का आज 58वां दिन है। पिछले 26 नवंबर से किसान तीन कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी की गारंटी की मांग को लेकर दिल्ली-एनसीआर के बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं। किसान इन कानूनों को रद्द करने के अलावा और कुछ भी नहीं चाहते हैं, हालांकि सरकार इन कानूनों को 18 महीनों तक के लिए रोकने पर सहमत है।

 

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