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Tuesday, December 1, 2020

Haryana Cabinet की बैठक में आज क्या रहा खास, पढ़िए विस्तार से

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Yuva Haryana News

Chandigarh, 16 Oct, 2020

चंडीगढ़ में हरियाणा कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में यह बैठक हो रही थी। बैठक में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के अलावा सभी मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बैठक में हुए फैसलों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट में हुए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज कई एजेंडों पर विचार मंथन हुआ है। जिसमें कई बातें प्रमुख हैं।

कैबिनेट बैठक की अहम बातें-

  • वाटर ऑथिरिटी को मंजूरी दी गई इसके तहत अलग से स्टेट वाटर अथॉरिटी बनाई जाएगी
  • इससे पहले सेंट्रल वाटर अथॉरिटी के निर्णय ही मान्य होते थे इससे पहले 8 राज्य ये अथॉरिर्टी बना चुके है
  • सीटीयू के बसें अब पंचकूला में मुफ्त चलेंगी टेक्स नही लिया जाएगा
  • हरियाणा बिजली वितरण निगम की रिपोर्ट पेश की गई है उदय के समय कुछ कंडीशन लगाई गई थीं इनमें बदलाव करके कमी की है
  • 8 हजार 670 करोड़ रुपये की बचत पिछले 5 साल में बचत हुई है
  • 4525 गांवों में म्हारा गावं जगमग गावं में 24 घंटे बिजली दी जा रही है
  • ये हरियाणा का अब तक का इतिहास है
  • DHBVN ने 700 करोड़ का लोन लिया है इसके लिए राज्य सरकार ने 700 करोड़ की गारंटी दी है
  • 55 करोड़ रुपये रोहतक के मेगा फ़ूड प्रोजेक्ट के लिए कर्ज की गारंटी दी है
  • शिक्षक ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव अविवाहित और विधवा शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी
  • अब हाउसिंग फ़ॉर आल के नाम से हाउसिंग विभाग का नाम बदल दीया है
  • इस विभाग में अब हाउसिंग से सभी योजनाएं शामिल की जाएंगी
  • MSME को और मजबूत करने के लिए इसके काम को 3 जगह बांटा गया है
  • बरोदा के जनता कॉलेज बुटाना को युनिवर्सटी बनाये जाने के फैसले को आचार सहिंता के चलते डेफर किया गया है
  • विधानसभा स्पीकर को हम पिछले सत्र को दोबारा से चलाने के लिए कहा जाएगा स्पीकर से चर्चा के बाद सत्र को दोबारा शुरू करने की तिथि निश्चित की जाएगी
  • 3 नवम्बर या 10 नवम्बर के बाद सत्र की कार्रवाई दोबारा शुरू हो सकती है
  • 75 फीसदी से जुड़े अध्यादेश को वापस लेने के लिए राज्यपाल से कहा गया है इस मुद्दे पर विधानसभा में बिल लाया जाएगा

विस्तार से पढ़िये कैबिनेट के सभी फैसले

पहला फैसला-

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में रोहतक में मेगा फूड पार्क परियोजना की स्थापना के लिए राष्टï्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन प्रसंघ लिमिटेड (हैफेड) द्वारा 55.00 करोड़ रुपये का सावधि ऋण लेने हेतु राज्य सरकार की गारंटी प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

यह परियोजना हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन प्रसंघ लिमिटेड (हैफेड) द्वारा केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की मेगा फूड पार्क योजना के तहत औद्योगिक मॉडल टाउनशिप रोहतक में स्थापित की जा रही है।

यह परियोजना 50 एकड़ में फैली हुई है। इसमें एमएसएमई के लिए 24 स्टैंडर्ड डिजाइन फैक्ट्री (एसडीएफ) शैड के अलावा 450 से 4050 वर्ग मीटर तक के 80 प्लॉट हैं। इस मेगा फूड पार्क में निवेशकों द्वारा मल्टी क्रॉप प्रोसेसिंग लाइन (सब्जियां और फल), रेडी-टू-ईट फूड, स्पाइस प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग, ऑयल एक्स्ट्रैक्शन, कैनिंग, बेकरी, इंटीग्रेटेड मिल्क प्रोसेसिंग/टेट्रा पैकेजिंग यूनिट, एनिमल फीड फॉम्र्यूलेशन यूनिट्स आदि से संबंधित इकाइयाँ लगाई जा सकती हैं। इस परियोजना के भाग के रूप में, जिला यमुनानगर के मानकपुर, जींद के नरवाना और रेवाड़ी के बावल में तीन प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र (पीपीसी) भी स्थापित किए जाने हैं।

 

राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार, इस परियोजना के सिविल कार्य एचएसआईआईडीसी द्वारा 30 करोड़ रुपये की लागत से एचएसआईआईडीसी द्वारा जबकि प्लांट और मशीनरी संबंधी कार्य लगभग 23.50 करोड़ रुपये की लागत से हैफेड द्वारा निष्पादित किए जा रहे हैं।

दूसरा फैसला-

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में काला अम्ब-सढ़ौरा-शाहबाद रोड पर 31 मार्च, 2022 तक की अवधि के लिए टोल प्वाइंट संख्या 26 की पुन:स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि 19.80 करोड़ रुपये की लागत से इस रोड के सुधार का कार्य पूरा हो गया है।

तीसरा फैसला-

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में गांव जठेड़ी (पुंडरी), जिला कैथल की राजस्व संपदा में स्थित कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की 426 कनाल 19 मरला भूमि को महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय, कैथल को हस्तांतरित करने के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। यह भूमि विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु सरकार की नीति के अनुसार कलेक्टर रेट पर दी जाएगी। यह विश्वविद्यालय समृद्ध और स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए कुशल और स्वाश्रित विद्यार्थी तैयार करेगा और भारत के साथ-साथ पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति का विस्तार करेगा।

मंत्रिमंडल की बैठक में हिसार में न्यू मॉडल स्टोर के निर्माण के लिए राजकीय पशुधन फार्म, हिसार की 4 एकड़ 3 कनाल भूमि एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ के कलेक्टर रेट पर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम को हस्तांतरित करने के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक के दौरान अम्बाला के गांव चंदपुरा में पहुंच मार्ग के विस्तार के लिए नगर परिषद, अंबाला सदर की लगभग 1 कनाल 2 मरला भूमि को विकास शुल्कों के साथ 44 लाख रुपये प्रति एकड़ के मौजूदा कलेक्टर रेट पर लोक निर्माण (भवन एवं सडक़ें) विभाग को हस्तांतरित करने के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में, पंचायत समिति भट्टïू कलां की 13 कनाल 2 मरला भूमि के जिला फतेहाबाद के गांव भट्टïू कलां में स्थित मैसर्स एनसीएमएल प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम की 13 कनाल 2 मरला भूमि के साथ तबादले की स्वीकृति प्रदान की गई ताकि मैसर्स एनसीएमएल प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम से संबंधित भूमि के निकट भारतीय खाद्य निगम के सहयोग से बनाए जा रहे अनाज गोदाम तक रेलवे लाइन बिछाई जा सके।

इससे आसपास के गांवों में रोजगार के अवसर उत्पन्न होने के साथ-साथ क्षेत्र के किसानों को भी लाभ होगा।

चौथा फैसला-

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (डीएचबीवीएनएल) को स्वीकृत कार्यशील पूंजी सुविधाओं के लिए वाणिज्यिक बैंकों के पक्ष में 700 करोड़ रुपये की राज्य सरकार की गारंटी प्रदान करने को घटनोत्तर स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया।

निगम अपने दिन-प्रतिदिन के कार्यों के लिए विभिन्न बैंकों द्वारा स्वीकृत की गई फंड आधारित और गैर-फंड आधारित कार्यशील पूंजी सीमाओं का उपयोग करता है। बिजली खरीद भुगतान में वृद्धि के कारण और विद्युत मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार बिजली आपूर्तिकर्ताओं के पक्ष में लेटर ऑफ क्रेडिट की बढ़ी हुई आवश्यकता के कारण, डीएचबीवीएन की मौजूदा कार्यशील पूंजी व्यवस्था बढ़े हुए बिजली आपूर्ति दायित्वों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं थी।

इसके अलावा, इलाहाबाद बैंक (अब इंडियन बैंक), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा ने नई कार्यशील पूंजी सुविधाओं की मंजूरी या मौजूदा सीमाओं में वृद्धि और राज्य सरकार द्वारा गारंटी प्रदान करने पर कुल जोखिम ब्याज दरों में कमी के लिए डीएचबीवीएन के अनुरोध पर विचार करने की सहमति व्यक्त की है। मौजूदा कार्यशील पूंजी सुविधाओं पर नई सीमाएं स्वीकृत करने के बाद, विद्युत मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, हरियाणा दक्षिण बिजली वितरण निगम बिजली आपूर्तिकर्ताओं के पक्ष में बढ़े हुए लेटर ऑफ क्रेडिट प्रदान करने के दायित्वों को पूरा करने के अलावा ब्याज के रूप में प्रतिवर्ष लगभग 10 करोड़ रुपये की बचत करेगा।

पांचवां फैसला-

हरियाणा सरकार ने उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना (उदय) को सफलतापूर्वक लागू किया है। साथ ही ‘उदय’ के लक्ष्य से दो साल पहले ही औसत आपूर्ति लागत (एसीएस) और औसत वास्तविक राजस्व (एआरआर) के अंतराल को खत्म कर दिया है। इसके अलावा, डिस्कॉम की सकल तकनीकी एवं वाणिज्यिक (एटी एंड सी) हानियों में भी उल्लेखनीय कमी आई है जोकि वित्त वर्ष 2015-16 में 30.02 प्रतिशत से कम होकर वित्त वर्ष 2019-20 में 17.17 प्रतिशत रह गईं। अब, डिस्कॉम के वित्तीय और परिचालन बदलाव को हासिल करने के लिए ‘उदय एमओयू’ के तहत विनिर्दिष्ट अवधि समाप्त हो गई है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय की जानकारी दी गई।

हरियाणा सरकार ने राज्य सरकार द्वारा 25,950 करोड़ रुपये की ऋण राशि का अधिग्रहण करके तथा पूरी राशि को इक्विटी में तब्दील करके उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना लागू की है। राज्य सरकार द्वारा ऋणों का अधिग्रहण करने और उनको इक्विटी में तबदील करने से पिछले चार वर्षों के दौरान हरियाणा डिस्कॉम को ब्याज लागत में 5225 करोड़ रुपये की बचत हुई है।

हरियाणा डिस्कॉम ने परिचालन और वित्तीय बदलाव करके योजना के लक्ष्य को पूरा किया है। डिस्कॉम ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में उदय के तहत सकल तकनीकी एवं वाणिज्यिक (एटी एंड सी) हानियों का लक्ष्य पहले ही हासिल कर लिया है। यूएचबीवीएनएल ने एटी एंड सी लॉस में 12 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी की है।

केंद्र सरकार की ‘उदय’ योजना के तहत 11 मार्च, 2016 को केंद्र सरकार, राज्य सरकार और हरियाणा डिस्कॉम के बीच एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस एमओयू के तहत परिचालन और वित्तीय गतिविधियों को क्रमश: 2018-19 और 2019-2020 तक हासिल किया जाना था।

डिस्कॉम को सकल तकनीकी एवं वाणिज्यिक (एटी एंड सी) हानियों को कम करने के लिए बिलिंग दक्षता और संग्रहण दक्षता में सुधार की आवश्यकता थी। ‘उदय एमओयू’ के तहत वित्त वर्ष 2018-19 तक एटी एंड सी हानियों में 15 प्रतिशत तक की कमी लाने का लक्ष्य दिया गया था। डीएचबीवीएन ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान 14.86 प्रतिशत का एटी एंड सी लॉस लेवल हासिल किया।

यहां यह भी बताना उचित होगा कि हरियाणा डिस्कॉम ने पिछले चार वर्षों के दौरान टैरिफ में कोई वृद्धि किए बिना वित्तीय बदलाव को हासिल किया है जबकि इस अवधि के दौरान एफएसए में एक रुपया प्रति यूनिट से अधिक की कमी की गई है। इसके अलावा, पहली जून, 2020 से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ को कम किया गया है।

 

छठा फैसला –

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रिमंडल की बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग हरियाणा के लिए अध्यापक स्थानांतरण नीति-2016, जो 2017 में संशोधित की गई थी, में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई। विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित की रक्षा के लिए न्यायसंगत और पारदर्शी तरीके से अध्यापकों/स्कूल प्रमुखों की समान रूप से, मांग आधारित तैनाती सुनिश्चित करने के लिए अध्यापक स्थानांतरण नीति-2016 में संशोधन का प्रस्ताव है।

संशोधन के अनुसार ‘अध्यापक’, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, का अर्थ है इस नीति के उद्देश्य के लिए नियमित क्षमता में कार्य करने वाले अध्यापक या तदर्थ शिक्षक। ट्रांसफर ड्राइव के बाद, ‘नवविवाहित’ या ‘हाल ही में तलाकशुदा’ महिला कर्मचारियों को अनुरोध पर रिक्ति के खिलाफ पोस्टिंग का पसंदीदा स्थान दिया जाएगा। हालाँकि, उन्हें अगले स्थानांतरण अभियान में भाग लेना होगा और उन्हें उस समय उपलब्ध रिक्त पदों के विरुद्ध उनके तीन विकल्पों में से किसी एक में समायोजित किया जाएगा।

संशोधन के अनुसार इस मद के उप-कारक के शीर्षक वाले कॉलम को 40 वर्ष से अधिक आयु की विधवा/तलाकशुदा/पृथक/अविवाहित महिला अध्यापक/ राज्य के बाहर काम करने वाले सेवारत सैन्य कार्मिक/अर्धसैनिक बलों के कार्मिक पति या पत्नी से प्रतिस्थापित किया जाएगा। इस मद के स्पष्टीकरण के शीर्षक वाले कॉलम को प्रतिस्थापित किया जाएगा क्योंकि इस श्रेणी के सभी पुरुषों/महिलाओं को केवल 10 अंक दिए जाएंगे। कैंसर मरीजों और कमजोर करने वाले अघातक रोगों के लिए एम्स (हरियाणा में इसकी शाखाओं समेत), पीजीआई रोहतक, पीजीआई खानपुर कलां, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल, पीजीआई चंडीगढ़ या विधिवत रूप से गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा अर्हता तिथि को जारी प्रमाण पत्र ही वैध होगा।

आम तौर पर एक कर्मचारी का 35 वर्ष का सेवाकाल होता है, इसलिए एक अध्यापक को अपने सेवा करियर के दौरान अधिकतम 5 वर्षों के लिए एक जोन में सेवा करनी होती है। ज़ोन-1, ज़ोन-2, ज़ोन-3 और ज़ोन-4 के मामले में, यदि किसी अध्यापक ने पांच साल का स्टे पूरा कर लिया है, तो ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव या ऑफ़लाइन/अस्थायी आवंटन में ऐसा ज़ोन उसे स्टेशन चुनने के लिए उपलब्ध नहीं होगा। यदि जोन-5, जोन-6 या जोन-7 में स्थित किसी स्कूल में कार्यरत कोई अध्यापक इनमें से किसी जोन में स्टे का विकल्प देता है तो उसे इनमें से किसी एक जोन का स्कूल आवंटित किया जाएगा और उसे ऐसे स्कूल में अगले पांच वर्षों तक रहने की अनुमति दी जाएगी जब तक कि वह नीति के अन्य प्रावधानों अर्थात पदों के रेशनलाइजेशन, पदों के अवरुद्ध होने या अपनी पसंद पर ऑनलाइन स्थानांतरण अभियान में अनिवार्य रूप से भाग नहीं लेता।

मेवात काडर (आरओएच काडर) को छोडक़र शेष हरियाणा के अध्यापक मेवात जिले में भी अपनी पोस्टिंग चुनने के लिए स्वतंत्र होंगे। हालांकि, आरओएच काडर से संबंधित अध्यापक, जिसने अपना विकल्प नहीं दिया है, को मेवात में एक स्टेशन आवंटित नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद, अध्यापक का काडर नहीं बदला जाएगा। इस प्रयोजन के लिए, ऑनलाइन ड्राइव के पहले दौर के दौरान ‘राज्य में कहीं भी’ की श्रेणी में आने वाले अध्यापकों को मेवात काडर के साथ-साथ आरओएच की बकाया रिक्तियों से भी चयन करने का विकल्प दिया जाएगा। यदि कोई भी अध्यापक मेवात काडर में नियुक्ति का विकल्प चुननता है, तो उस पर ऐसी पोस्टिंग के लिए विचार किया जाएगा।

सातवां फैसला-

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ‘हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक, 2020’ पेश करने की स्वीकृति प्रदान की गई। यह पूरे राज्य में लागू होगा। यह अधिनियम राज्य सरकार द्वारा अपने आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचित करने की तिथि से लागू होगा।

हरियाणा में संगठित अपराध को रोकने के लिए राज्य में समान कानून लागू करना अनिवार्य हो गया है, जो गैंगस्टर्स, संगठित आपराधिक गिरोहों के सरगनाओं और सदस्यों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करता है। अपराधों से जुड़े मुकद्दमों से अर्जित संपत्ति को जब्त करने और इस अधिनियम के तहत अपराधों की ट्रायल से निपटने के लिए विशेष अदालतों और विशेष प्रोसिक्यूटर के लिए भी विशेष प्रावधान करने की आवश्यकता है।

हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक, 2020 के पेश होने के साथ ही, राज्य विधान सभा द्वारा पूर्व में अनुमोदित ‘हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक, 2019’ वापस ले लिया गया है।

राज्य मंत्रिमंडल द्वारा हरियाणा संगठित नियंत्रण विधेयक, 2019 को वापस लेने और इसे संशोधित रूप में पेश करने के गृह विभाग के प्रस्ताव पर विचार किया गया। 2019 का विधेयक राष्ट्रपति की सहमति के लिए भेजा गया था। यह कुछ टिप्पणियों के साथ वापस आ गया था।

केंद्रीय गृह मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा की गई टिप्पणियों के अनुसार, मंत्रिपरिषद ने हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक 2019 में सुझाव के साथ इसे संशोधित रूप में पेश करने का फैसला लिया। नया मसौदा विधेयक प्रस्ताव के लिए अगले विधानसभा सत्र में लाया जाएगा।

आठवां फैसला-

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी श्री राजेश खुल्लर की राज्य सरकार में पिछले पांच वर्षों के दौरान दी गई सेवाओं की सराहना की गई। मुख्य सचिव विजय वर्धन ने मंत्रिमण्डल के समक्ष खुल्लर की उल्लेखनीय सेवाएं देने के बारे प्रस्ताव रखा और मंत्रिमण्डल ने इसे सर्वसम्मति से पारित किया। यह प्रस्ताव आज के कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णयों के रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया।

उल्लेखनीय है कि राजेश खुल्लर 1 नवम्बर, 2020 से विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक (एक्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर) के पद पर ज्वाईन करेंगे।

मंत्रिमण्डल बैठक के बाद लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने श्री राजेश खुल्लर की सेवाओं की व्यक्तिगत रूप से सराहना की और कहा कि मुख्यमंत्री और उसके प्रधान सचिव का आपस में एक विश्वास का रिश्ता होता है। राजनेताओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव से लोगों को प्रशासनिक कार्य किये जाने के लिए अपेक्षाएं होती हैं। नि:संदेह श्री खुल्लर उन अपेक्षाओं पर खरा उतरे हैं।

मंत्रिमण्डल के सभी सदस्यों ने भी व्यक्तिगत रूप से श्री राजेश खुल्लर की कार्यशैली की सराहना की और उनके विश्व बैंक में नये पदभार के चयन के लिए शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे हरियाणा ही नहीं बल्कि देश का नाम पूरे विश्व में रोशन करेंगे।

 


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