23.8 C
Haryana
Sunday, October 25, 2020

सूझबूझ से करें बच्चे की प्लानिंग, यहां जानिए मां बनने की सही उम्र 

Must read

Deputy CM ने सात जिलों की 42 जन प्रतिनिधियों को स्कूटी देकर किया सम्मानित

Yuva Haryana News Chandigarh, 24 Oct, 2020 प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने सात जिलों की पंचायती राज संस्थाओं की 42 महिला जन प्रतिनिधियों को सराहनीय...

Share this News
3Shares

Yuva Haryana News
Chandigarh, 2 October, 2020

मां बनना दुनिया का सबसे खूबसूरत एहसास होता है। लेकिन बहुत सी महिलाओं को ये सवाल बहुत परेशान करता है कि मां बनने की सही उम्र क्या होनी चाहिए ? वैसे तो सभी अपने करियर के अनुसार अपनी सुझबुझ से बच्चे की प्लानिंग करते है। लेकिन सही उम्र में गर्भधारण से मां और बच्चे दोनों स्वस्थ होते हैं।

और गर्भधारण करने के लिए उम्र के 20वें पड़ाव को बहुत अच्छा समय माना गया है। गर्भधारण करने के लिए 25 से 30 की उम्र सबसे अच्छी होती है, क्योंकि इस समय शरीर की प्रजनन प्रणाली और अन्य प्रणाली अपनी चरम सीमा पर होती हैं। 30 वर्ष के बाद महिलाओं में कई तरह से हार्मोनल बदलाव होते हैं।

इस उम्र के बाद उनकी प्रजनन स्तर में कमी आती है और शरीर में अंडे का उत्पादन घटता जाता है, जिससे बांझपन का जोखिम बढ़ जाता है। अगर उम्र 35 पार हो जाए तो गर्भ ठहरने, गर्भावस्था बनाए रखने और स्वस्थ बच्चे के जन्म की संभावना कम हो जाती है। हालांकि, ऐसा नहीं है कि 30 वर्ष के बाद मातृत्व सुख नहीं लिया जा सकता, लेकिन इस उम्र के बाद गर्भपात होने की आशंका ज्यादा होती है। इस उम्र के बाद अगर बच्चे की प्लानिंग की जाती है तो गर्भवती महिला को अपनी अन्य शारीरिक स्थितियों को लेकर भी नियमित जांच कराने की आवश्यकता होती है।

कहा जाता है कि 35 से 40 की उम्र के बीच गर्भधारण की संभावना 20 से 25 साल की महिलाओं की तुलना में 50 प्रतिशत कम हो जाती है। अधिक उम्र के कारण गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज होने की शिकायत भी हो सकती है। वजन में बढ़ोतरी ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है। और ज्यादा या कम वजन भी गर्भधारण में परेशानी का कारण बन सकता है। गर्भावस्था लगभग चालीस सप्ताह की एक अवधि है, जिसके दौरान महिला के गर्भ में भ्रूण विकसित होता है। एक बार जब गर्भधारण की पुष्टि हो जाती है तो किसी भी तरह की जटिलताओं या खतरे जैसे गर्भपात, प्लेसेंटक अब्रप्शन आदि पैदा न हो, इसके लिए सही प्री-नेटल केयर की जानी चाहिए। इसका मुख्य उद्देश्य मां और बच्चे के स्वास्थ्य को जानना होता है।


Share this News
3Shares

More articles

Latest article

Deputy CM ने सात जिलों की 42 जन प्रतिनिधियों को स्कूटी देकर किया सम्मानित

Yuva Haryana News Chandigarh, 24 Oct, 2020 प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने सात जिलों की पंचायती राज संस्थाओं की 42 महिला जन प्रतिनिधियों को सराहनीय...

‘Mirzapur-2’ में पांच गुणा ज्यादा लगा पैसा, कुल इतने बजट में तैयार हुई Webseries

Yuva Haryana News Chandigarh, 24 Oct, 2020 Web Series "Mirzapur" के दूसरे सीजन का हर कोई बेसब्री से इंतजार कर रहा था और अब Webseries के...