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इंटरनेशनल शूटर विश्वजीत श्योराण बने चौथी पीढ़ी के HCS, हरियाणा के वरिष्ठ अधिकारी ने किया था चैलेंज

Yuva Haryana, चंडीगढ़।

परदादा, दादा, पिता और चाचा के बाद अब बेटे ने भी मेहनत के बल पर अपने परिवार की परंपरा और सपने को कायम रखा है। हरियाणा के पूर्व शिक्षा मंत्री बहादुर सिंह का पोता विश्वजीत सिंह श्योराण हाल ही में HCS (हरियाणा सिविल सर्विसेज) बना है। एक ही परिवार में चौथी पीढ़ी में एचसीएस बनने वाले विश्वजीत श्योराण पांचवें सदस्य हैं। प्रदेश में यह अपने आप में एक मिसाल है।

वहीं विश्वजीत सिंह ने HCS ज्वाइन करने से पहले कानूनी लड़ाई भी लड़ी थी। हरियाणा के एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अशोक खेमका ने विश्वजीत की ज्वाइन को कोर्ट में चैलेंज किया था। कानूनी लड़ाई के बाद विश्वजीत केस जीत गए और हरियाणा में HCS के पद पर ज्वाइनिंग कर ली।

श्योराण परिवार में पहले विश्वजीत के परदादा रामनारायण श्योराण आइएएस बने। उसके बाद विश्वजीत के दादा बहादुर सिंह भी एचसीएस से सेवानिवृत्त हैं। बहादुर सिंह प्रदेश में 2000 से 2005 तक शिक्षा मंत्री के पद पर भी रह चुके हैं। इसके बाद विश्वजीत के पिता जगदीप ने वर्ष 1993 में एचसीएस की परीक्षा पास की थी।

इस समय वे आइएएस अधिकारी हैं और वित्त विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। विश्वजीत के चाचा संदीप सिंह भी एचसीएस पास है। उन्होंने विगत विधानसभा चुनाव में महेंद्रगढ़ सीट से पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन चुनाव में वे हार गए थे।

विश्वजीत के पिता आइएएस जगदीप सिंह श्योराण ने बताया कि विश्वजीत तीन साल से आइएएस की तैयारी कर रहा है और चंडीगढ़ में दो साल तक तैयारी भी की। एचसीएस और आइएएस की परीक्षा का पैटर्न मिलता-जुलता है। इसलिए उसने एचसीएस परीक्षा भी दे दी और उसमें उसका चयन हो गया।

वित्त विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत विश्वजीत के पिता जगदीश ने बताया कि बीए, एलएलबी तक पढ़ा विश्वजीत चाचा संदीप से प्रेरणा लेकर अब भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना चाहता है। मूलरूप से भिवानी जिले के लोहारू के गांव गागड़वास निवासी विश्वजीत श्योराण का परिवार दादरी शहर में भी रहता है।

विश्वजीत की बहन गौरी श्योराण भी इंटरनेशनल स्तर की शूटर हैं। गौरी कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में खुद को साबित कर चुकी है। उनकी काबलियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अब तक 37 इंटरनेशनल शूटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, जिसमें उन्होंने 28 प्रतियोगिताओं में मेडल जीते हैं।

गौरी श्योराण ने साल 2019 में नीदरलैंड के हेग में आयोजित इंटरनेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता। साल 2019 को शूटर गौरी श्योराण ने नेपाल के काठमांडू में आयोजित 13वीं साउथ एशियन गेम्स -2019 के टीम इवेंट में गोल्ड और इंडविजुअल इवेंट में सिल्वर मेडल जीता था।  साल 2018 में गौरी ने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स (मलेशिया) में गोल्ड मेडल जीता। ये उनके करियर के बड़े मेडल में से एक है। साल 2017 में उन्होंने वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और ब्रॉन्ज मेडल जीता। साल 2016 में सिटी शूटर गौरी ने गबाला में हुए वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल पर निशाना लगाया है।

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